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श्लोक  7.202.74 
योक्त्राङ्गानि च सत्त्वानि कृत्वा शर्व: प्रतापवान्।
वेदान् कृत्वाऽथ चतुरश्चतुरश्वान् महेश्वर:॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार महाप्रभु महेश्वर ने अन्य प्राणियों को जूआ, लगाम आदि के रूप में प्रयोग किया तथा चारों वेदों को रथ के चार घोड़े बना दिया। 74.
 
Similarly, the majestic Lord Maheshwar used other creatures as yokes and reins etc. and made the four Vedas into the four horses of the chariot. 74.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)