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mahabharat 7.202.68-69h: हे देवों के देव महादेव! आपके अतिरिक्त कोई भी उन राक्षसों का वध करने में समर्थ नहीं है; अतः आप उन द्रोहियों का वध कीजिए।   |   mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.202.68-69h 
त्वदृते देवदेवेश नान्य: शक्त: कथंचन॥ ६८॥
हन्तुं दैत्यान् महादेव जहि तांस्त्वं सुरद्विष:।
 
 
अनुवाद
हे देवों के देव महादेव! आपके अतिरिक्त कोई भी उन राक्षसों का वध करने में समर्थ नहीं है; अतः आप उन द्रोहियों का वध कीजिए।
 
O Lord of the Gods, Mahadev! No one other than you is capable of killing those demons; therefore, please kill those traitors. 68 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)