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श्लोक  7.202.59 
पूषाणमभ्यद्रवत शङ्कर: प्रहसन्निव।
पुरोडाशं भक्षयतो दशनान् वै व्यशातयत्॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
उस समय भगवान शंकर ने मुस्कुराते हुए पुरोडाश खा रहे पूषा पर आक्रमण कर दिया और उसके सारे दांत तोड़ दिए।
 
At that time Lord Shankar smilingly attacked Pusha who was eating purodash. He broke all his teeth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)