Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.202.51-52h: यदि वे क्रोधित हो जाएँ तो देवता, दानव, गंधर्व और राक्षस इस लोक अथवा पाताल में छिपकर भी शांति से नहीं रह पाते। 51 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न सुरा नासुरा लोके न गन्धर्वा न राक्षसा:॥ ५१॥
सुखमेधन्ति कुपिते तस्मिन्नपि गुहागता:।
अनुवाद
यदि वे क्रोधित हो जाएँ तो देवता, दानव, गंधर्व और राक्षस इस लोक अथवा पाताल में छिपकर भी शांति से नहीं रह पाते। 51 1/2॥
If they become angry then the gods, demons, Gandharvas and demons are not able to live in peace even if they hide in this world or in the underworld. 51 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥