Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.202.48: मातृकाओं के स्वामी और गणों के रक्षक शिव को नमस्कार है। गोपति और यज्ञपति शंकर को नित्य नमस्कार है। 48॥   |   mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  7.202.48 
मातॄणां पतये चैव गणानां पतये नम:।
गवां च पतये नित्यं यज्ञानां पतये नम:॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
मातृकाओं के स्वामी और गणों के रक्षक शिव को नमस्कार है। गोपति और यज्ञपति शंकर को नित्य नमस्कार है। 48॥
 
Salutations to Shiva, the lord of the Matrikas and guardian of the Ganas. Daily salutations to Gopati and Yagyapati Shankar. 48॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)