Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.202.22-23: कुन्तीपुत्र! उस रोमांचकारी एवं भयंकर युद्ध में अश्वत्थामा, कर्ण और कृपाचार्य जैसे महाधनुर्धरों द्वारा रक्षित कौरव सेना का विनाश बहुमुखी महाधनुर्धर भगवान महेश्वर के अतिरिक्त और कौन कर सकता था? | mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुन्तीपुत्र! उस रोमांचकारी एवं भयंकर युद्ध में अश्वत्थामा, कर्ण और कृपाचार्य जैसे महाधनुर्धरों द्वारा रक्षित कौरव सेना का विनाश बहुमुखी महाधनुर्धर भगवान महेश्वर के अतिरिक्त और कौन कर सकता था?
Kunti's son! In that thrilling and fierce battle, who else except the multi-faceted great archer Lord Maheshwar could have destroyed the Kaurava army, which was protected by great archers like Ashwatthama, Karna and Kripacharya?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥