Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.202.19-20: भगवान शंकर के दिव्य सेवक अनेक रूपों में प्रकट होते हैं। कुछ बौने हैं, कुछ जटाधारी हैं, कुछ मुंडाए हुए सिर वाले हैं और कुछ छोटी गर्दन वाले हैं। कुछ का पेट बड़ा है और कुछ का शरीर विशाल है। कुछ सेवकों के कान बहुत बड़े हैं। वे सभी बड़े उत्साही हैं। कुछ के चेहरे विकृत हैं और कुछ के पैर विकृत हैं। हे अर्जुन! उनका रूप भी बड़ा भयानक है। | mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान शंकर के दिव्य सेवक अनेक रूपों में प्रकट होते हैं। कुछ बौने हैं, कुछ जटाधारी हैं, कुछ मुंडाए हुए सिर वाले हैं और कुछ छोटी गर्दन वाले हैं। कुछ का पेट बड़ा है और कुछ का शरीर विशाल है। कुछ सेवकों के कान बहुत बड़े हैं। वे सभी बड़े उत्साही हैं। कुछ के चेहरे विकृत हैं और कुछ के पैर विकृत हैं। हे अर्जुन! उनका रूप भी बड़ा भयानक है।
Lord Shankar's divine attendants appear in various forms. Some of them are dwarfs, some have matted hair, some have shaven heads and some have short necks. Some have big bellies and some have huge bodies. Some attendants have very big ears. They are all very enthusiastic. Some have deformed faces and some have deformed feet. Arjun! Their appearance is also very ghastly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥