Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.202.156: वेदों के स्वाध्याय से जो फल मिलता है, वही इस पर्व को पढ़ने और सुनने से भी प्राप्त होता है। इसमें निर्भय होकर युद्ध करने वाले वीर क्षत्रियों की महान कीर्ति का वर्णन है॥156॥ | mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वेदों के स्वाध्याय से जो फल मिलता है, वही इस पर्व को पढ़ने और सुनने से भी प्राप्त होता है। इसमें निर्भय होकर युद्ध करने वाले वीर क्षत्रियों की महान कीर्ति का वर्णन है॥156॥
The same result that one gets from self-study of the Vedas is also obtained by reading and listening to this festival. It describes the great fame of the brave Kshatriyas who fought without fear.॥ 156॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥