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mahabharat 7.202.141: भगवान शिव के शरीर का जांघों के नीचे का आधा भाग अग्नि या घोर है और उसके ऊपर का आधा भाग सोम और शिव है। कुछ लोगों के मत से उनके सम्पूर्ण शरीर का आधा भाग 'अग्नि' और आधा भाग 'सोम' कहलाता है॥141॥   |   mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.202.141 
ऊरुभ्यामर्धमाग्नेयं सोमार्धं च शिवा तनु:।
आत्मनोऽर्धं तथा चाग्नि: सोमोऽर्धं पुनरुच्यते॥ १४१॥
 
 
अनुवाद
भगवान शिव के शरीर का जांघों के नीचे का आधा भाग अग्नि या घोर है और उसके ऊपर का आधा भाग सोम और शिव है। कुछ लोगों के मत से उनके सम्पूर्ण शरीर का आधा भाग 'अग्नि' और आधा भाग 'सोम' कहलाता है॥141॥
 
The half of Lord Shiva's body below the thighs is Agni or Ghor and the half above it is Som and Shiva. According to some people, half of his entire body is called 'Agni' and the other half is called 'Som'.॥ 141॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)