Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.202.132: उनके एक हजार या दस हजार नेत्र हैं अथवा वे चारों ओर से नेत्रों से युक्त हैं। भगवान शिव विराट ब्रह्माण्ड की रक्षा करते हैं, इसलिए उन्हें 'महादेव' कहा जाता है। 132। | mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके एक हजार या दस हजार नेत्र हैं अथवा वे चारों ओर से नेत्रों से युक्त हैं। भगवान शिव विराट ब्रह्माण्ड की रक्षा करते हैं, इसलिए उन्हें 'महादेव' कहा जाता है। 132।
He has a thousand or ten thousand eyes or he is full of eyes from all sides. Lord Shiva protects the great universe; hence he is called 'Mahadev'. 132.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥