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श्लोक  7.202.122 
ज्येष्ठं भूतं वदन्त्येनं ब्राह्मणा मुनयस्तथा।
प्रथमो ह्येष देवानां मुखादस्यानलोऽभवत्॥ १२२॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण और ऋषिगण कहते हैं कि वह सब देवताओं में ज्येष्ठ है; अग्निदेव उसके मुख से उत्पन्न हुए हैं।122.
 
Brahmins and sages say that he is the eldest among all the gods; the god of fire originated from his mouth. 122.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)