Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.202.105: वे सृष्टिकर्ता, विश्वात्मा और जगत् के कार्यों के कर्ता हैं। यद्यपि वे अशरीरी हैं, तथापि वे समस्त देवताओं के शरीर धारण करते हैं॥105॥ | mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धाता च स विधाता च विश्वात्मा विश्वकर्मकृत्।
सर्वासां देवतानां च धारयत्यवपुर्वपु:॥ १०५॥
अनुवाद
वे सृष्टिकर्ता, विश्वात्मा और जगत् के कार्यों के कर्ता हैं। यद्यपि वे अशरीरी हैं, तथापि वे समस्त देवताओं के शरीर धारण करते हैं॥105॥
He is the creator, the universal soul and the doer of the worldly activities. Even though he is bodiless, he takes on the bodies of all the gods.॥ 105॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥