Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.202.104: वह काल, अन्त, मृत्यु, यम, रात्रि, दिन, मास, पक्ष, ऋतु, संध्या और संवत्सर है ॥104॥   |   mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल  »  श्लोक 104
 
 
श्लोक  7.202.104 
स काल: सोऽन्तको मृत्यु: स यमो रात्र्यहानि तु।
मासार्धमासा ऋतव: संध्ये संवत्सरश्च स:॥ १०४॥
 
 
अनुवाद
वह काल, अन्त, मृत्यु, यम, रात्रि, दिन, मास, पक्ष, ऋतु, संध्या और संवत्सर है ॥104॥
 
He is the time, end, death, Yama, night, day, month, fortnight, season, evening and Samvatsara. ॥104॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)