संजय कहते हैं - हे राजन! व्यास जी के ये वचन सुनकर द्रोणपुत्र महारथी अश्वत्थामा ने मन ही मन भगवान शंकर को प्रणाम किया और भगवान श्रीकृष्ण की महानता को भी स्वीकार किया।
Sanjaya says - O King! On hearing these words of Vyasa, the great warrior Ashvatthama, son of Drona, mentally bowed down to Lord Shankar and also accepted the greatness of Lord Krishna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥