Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.201.70-71h: वरदाता भगवान स्वस्थ एवं मनोहर देवी पार्वती के साथ क्रीड़ा करते हुए वहाँ पहुँचे थे। अजन्मा, अव्यक्त, कारणस्वरूप परमेश्वर, जो अपनी महिमा को कभी नहीं खोता, अपने संगी भूतों से घिरा हुआ था। 70 1/2 | mahabharat अध्याय 7.201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वरदाता भगवान स्वस्थ एवं मनोहर देवी पार्वती के साथ क्रीड़ा करते हुए वहाँ पहुँचे थे। अजन्मा, अव्यक्त, कारणस्वरूप परमेश्वर, जो अपनी महिमा को कभी नहीं खोता, अपने संगी भूतों से घिरा हुआ था। 70 1/2
The boon-giving Lord had arrived while playing with the healthy and charming Goddess Parvati. The unborn, the unmanifested, the causal form of the Supreme Being, who never loses his glory, was surrounded by the ghosts who were his associates. 70 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥