Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.201.30-31h: हे भरतराज! घोड़ों और रथों के समूह दावानल में जले हुए वृक्षों के अग्रभागों के समान दिख रहे थे और हजारों रथ इधर-उधर गिरे पड़े थे। | mahabharat अध्याय 7.201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतराज! घोड़ों और रथों के समूह दावानल में जले हुए वृक्षों के अग्रभागों के समान दिख रहे थे और हजारों रथ इधर-उधर गिरे पड़े थे।
O honourable King of Bharata, the herds of horses and chariots looked like the front portions of trees burnt in a forest fire, and thousands of chariots were lying fallen here and there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥