Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.201.3: अर्जुन अकेले ही सोमक सेना, मत्स्य देश के योद्धाओं तथा अन्य लोगों के साथ कौरवों का सामना करने के लिए लौट आए॥3॥   |   mahabharat अध्याय 7.201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.201.3 
एक एव च बीभत्सु: सोमकावयवै: सह।
मत्स्यैरन्यैश्च संधाय कौरवान् संन्यवर्तत॥ ३॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन अकेले ही सोमक सेना, मत्स्य देश के योद्धाओं तथा अन्य लोगों के साथ कौरवों का सामना करने के लिए लौट आए॥3॥
 
Arjuna alone returned with the troops of the Somakas, the warriors from Matsya country and others to face the Kauravas.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)