Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.201.14: हे पुरुषों! जब अर्जुन ने उसके प्राणों को छेदने वाले ऐसे कठोर वचन कहे, तब महाधनुर्धर अश्वत्थामा क्रोध में आकर भारी साँस लेने लगा॥14॥ | mahabharat अध्याय 7.201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पुरुषों! जब अर्जुन ने उसके प्राणों को छेदने वाले ऐसे कठोर वचन कहे, तब महाधनुर्धर अश्वत्थामा क्रोध में आकर भारी साँस लेने लगा॥14॥
O lord of men! When Arjuna said such harsh words to him in words that pierced all his vital spots, then the great archer Ashwatthama started breathing heavily in anger. ॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥