Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.201.10-12: संजय बोले, "हे भगवन्! जब चेदि देश के युवराज पौरव वृद्धक्षत्र और बाण चलाने में कुशल मालवराज सुदर्शन मारे गए तथा धृष्टद्युम्न, सात्यकि और भीमसेन पराजित हुए, तब अर्जुन को बड़ा दुःख हुआ। इसके अतिरिक्त युधिष्ठिर के व्यंग्यपूर्ण वचनों ने भी उसे बड़ी पीड़ा पहुँचाई थी और पूर्व के दुःखों को याद करके उसका हृदय विदीर्ण हो गया था; अतएव महान् दुःख के कारण अर्जुन का मन अभूतपूर्व क्रोध से भर गया।" | mahabharat अध्याय 7.201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय उवाच
युवराजे हते चैव वृद्धक्षत्रे च पौरवे।
इष्वस्त्रविधिसम्पन्ने मालवे च सुदर्शने॥ १०॥
धृष्टद्युम्ने सात्यकौ च भीमे चापि पराजिते।
युधिष्ठिरस्य तैर्वाक्यैर्मर्मण्यपि च घट्टिते॥ ११॥
अन्तर्भेदे च संजाते दु:खं संस्मृत्य च प्रभो।
अभूतपूर्वो बीभत्सोर्दु:खान्मन्युरजायत॥ १२॥
अनुवाद
संजय बोले, "हे भगवन्! जब चेदि देश के युवराज पौरव वृद्धक्षत्र और बाण चलाने में कुशल मालवराज सुदर्शन मारे गए तथा धृष्टद्युम्न, सात्यकि और भीमसेन पराजित हुए, तब अर्जुन को बड़ा दुःख हुआ। इसके अतिरिक्त युधिष्ठिर के व्यंग्यपूर्ण वचनों ने भी उसे बड़ी पीड़ा पहुँचाई थी और पूर्व के दुःखों को याद करके उसका हृदय विदीर्ण हो गया था; अतएव महान् दुःख के कारण अर्जुन का मन अभूतपूर्व क्रोध से भर गया।"
Sanjaya said, "O Lord! Arjuna was deeply pained when the crown prince of Chedi country, Paurava Vriddakshatra and Malavaraja Sudarshan, skilled in the use of arrows, were killed and Dhrishtadyumna, Satyaki and Bhimasena were defeated. Apart from this, Yudhishthira's sarcastic words had hurt him deeply and his heart was torn by remembering the earlier sorrows; therefore, due to great sorrow, Arjuna's mind was filled with unprecedented anger. 10-12.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥