Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.201.1: संजय कहते हैं- राजन! तत्पश्चात अपार आत्मविश्वास से युक्त कुन्तीकुमार अर्जुन ने द्रोणपुत्र को जीतने की इच्छा से सेना को भागते हुए देखकर उसे रोक दिया॥1॥ | mahabharat अध्याय 7.201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय कहते हैं- राजन! तत्पश्चात अपार आत्मविश्वास से युक्त कुन्तीकुमार अर्जुन ने द्रोणपुत्र को जीतने की इच्छा से सेना को भागते हुए देखकर उसे रोक दिया॥1॥
Sanjay says- Rajan! Thereafter, Kuntikumar Arjuna, full of immense self-confidence, seeing the army fleeing, with the desire to conquer Drona's son, stopped it. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥