Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.200.86-87h: मालवन के राजा सुदर्शन, पुरुदेश के राजा वृद्धक्षत्र और चेदिदेश के राजकुमार को द्रोणपुत्र पाण्डुकुमार के हाथों अपनी आँखों के सामने मारा गया देखकर महाबाहु भीमसेन अत्यन्त क्रोधित हो उठे ॥86 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.200: श्रीकृष्णका भीमसेनको रथसे उतारकर नारायणास्त्रको शान्त करना, अश्वत्थामाका उसके पुन: प्रयोगमें अपनी असमर्थता बताना तथा अश्वत्थामाद्वारा धृष्टद्युम्नकी पराजय, सात्यकिका दुर्योधन, कृपाचार्य, कृतवर्मा, कर्ण और वृषसेन—इन छ: महारथियोंको भगा देना फिर अश्वत्थामाद्वारा मालव, पौरव और चेदिदेशके युवराजका वध एवं भीम और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा पाण्डव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मालवन के राजा सुदर्शन, पुरुदेश के राजा वृद्धक्षत्र और चेदिदेश के राजकुमार को द्रोणपुत्र पाण्डुकुमार के हाथों अपनी आँखों के सामने मारा गया देखकर महाबाहु भीमसेन अत्यन्त क्रोधित हो उठे ॥86 1/2॥
Seeing Sudarshan, the king of Malvan, Vridhakshatra, the ruler of Purudesh, and the prince of Chedidesh killed in front of his eyes by the hands of Drona's son, Pandukumar, the mighty-armed Bhimsen, became very angry. 86 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥