| श्री महाभारत » पर्व 7: द्रोण पर्व » अध्याय 200: श्रीकृष्णका भीमसेनको रथसे उतारकर नारायणास्त्रको शान्त करना, अश्वत्थामाका उसके पुन: प्रयोगमें अपनी असमर्थता बताना तथा अश्वत्थामाद्वारा धृष्टद्युम्नकी पराजय, सात्यकिका दुर्योधन, कृपाचार्य, कृतवर्मा, कर्ण और वृषसेन—इन छ: महारथियोंको भगा देना फिर अश्वत्थामाद्वारा मालव, पौरव और चेदिदेशके युवराजका वध एवं भीम और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा पाण्डव-सेनाका पलायन » श्लोक 73 |
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| | | | श्लोक 7.200.73  | किरीटी भीमसेनश्च वृद्धक्षत्रश्च पौरव:।
युवराजश्च चेदीनां मालवश्च सुदर्शन:॥ ७३॥ | | | | | | अनुवाद | | उनके नाम इस प्रकार हैं- मुकुटधारी अर्जुन, भीमसेन, पौरव वृद्धक्षत्र, चेदिदेश के राजकुमार और मालवनरेश सुदर्शन। 73॥ | | | | Their names are as follows - Crowned Arjun, Bhimsen, Paurav Vridhakshatra, Prince of Chedidesh and Malvanresh Sudarshan. 73॥ | | ✨ ai-generated | | |
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