Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.200.41: अश्वत्थामा ने अपने पिता की हत्या को बार-बार याद करके युद्धस्थल में क्रोधित धृष्टद्युम्न को बाणों से ढक दिया और दस बाणों से उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.200: श्रीकृष्णका भीमसेनको रथसे उतारकर नारायणास्त्रको शान्त करना, अश्वत्थामाका उसके पुन: प्रयोगमें अपनी असमर्थता बताना तथा अश्वत्थामाद्वारा धृष्टद्युम्नकी पराजय, सात्यकिका दुर्योधन, कृपाचार्य, कृतवर्मा, कर्ण और वृषसेन—इन छ: महारथियोंको भगा देना फिर अश्वत्थामाद्वारा मालव, पौरव और चेदिदेशके युवराजका वध एवं भीम और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा पाण्डव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अश्वत्थामा ने अपने पिता की हत्या को बार-बार याद करके युद्धस्थल में क्रोधित धृष्टद्युम्न को बाणों से ढक दिया और दस बाणों से उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
Ashvatthama, repeatedly remembering the murder of his father, covered the enraged Dhrishtadyumna with arrows in the battlefield and inflicted severe wounds on him by hitting him with ten arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥