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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 200: श्रीकृष्णका भीमसेनको रथसे उतारकर नारायणास्त्रको शान्त करना, अश्वत्थामाका उसके पुन: प्रयोगमें अपनी असमर्थता बताना तथा अश्वत्थामाद्वारा धृष्टद्युम्नकी पराजय, सात्यकिका दुर्योधन, कृपाचार्य, कृतवर्मा, कर्ण और वृषसेन—इन छ: महारथियोंको भगा देना फिर अश्वत्थामाद्वारा मालव, पौरव और चेदिदेशके युवराजका वध एवं भीम और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा पाण्डव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  7.200.39 
पार्षतस्तु बली राजन् कृतास्त्र: कृतनिश्चय:।
द्रौणिमेवाभिदुद्राव मृत्युं कृत्वा निवर्तनम्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
राजन! महाबली और दृढ़ निश्चयी धृष्टद्युम्न ने द्रोणपुत्र पर आक्रमण किया, जिससे युद्ध से लौटने के लिए मृत्यु ही एकमात्र मार्ग रह गया ॥39॥
 
Rajan! Dhrishtadyumna, a strong weapon-wielder and determined, attacked Drona's son, making death the only time for him to return from the war. 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)