Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.200.34: संजय ने कहा, "हे राजन! अश्वत्थामा की ध्वजा पर सिंह की पूँछ का चिह्न था। अपने पिता की मृत्यु की घटना को स्मरण करके वह क्रोधित हो उठा और सारा भय त्यागकर उसने धृष्टद्युम्न पर आक्रमण कर दिया।" | mahabharat अध्याय 7.200: श्रीकृष्णका भीमसेनको रथसे उतारकर नारायणास्त्रको शान्त करना, अश्वत्थामाका उसके पुन: प्रयोगमें अपनी असमर्थता बताना तथा अश्वत्थामाद्वारा धृष्टद्युम्नकी पराजय, सात्यकिका दुर्योधन, कृपाचार्य, कृतवर्मा, कर्ण और वृषसेन—इन छ: महारथियोंको भगा देना फिर अश्वत्थामाद्वारा मालव, पौरव और चेदिदेशके युवराजका वध एवं भीम और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा पाण्डव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय ने कहा, "हे राजन! अश्वत्थामा की ध्वजा पर सिंह की पूँछ का चिह्न था। अपने पिता की मृत्यु की घटना को स्मरण करके वह क्रोधित हो उठा और सारा भय त्यागकर उसने धृष्टद्युम्न पर आक्रमण कर दिया।"
Sanjaya said, "O King! Ashwatthama's flag had the symbol of a lion's tail on it. Remembering the incident of his father's death, he became angry and leaving behind all his fear, he attacked Dhrishtadyumna. 34.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥