Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.20.51: उस युद्धस्थल में अनेक रथियों ने अचानक हाथियों पर बैठे महावतों की छाती में भालों से छेद करके उन्हें मार डाला। उन महावतों के भाले और अंकुश इधर-उधर बिखर गए। | mahabharat अध्याय 7.20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस युद्धस्थल में अनेक रथियों ने अचानक हाथियों पर बैठे महावतों की छाती में भालों से छेद करके उन्हें मार डाला। उन महावतों के भाले और अंकुश इधर-उधर बिखर गए।
In that battle-field many charioteers suddenly killed the mahouts sitting on elephants by piercing their chests with their lances. The goads and spears of those mahouts were scattered here and there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥