Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.20.39: उन हाथियों की पीठ पर लहराते हुए झंडे टूटने लगे। उनके दाँत आपस में टकराने से आग प्रकट होने लगी। इससे वे आकाश में बिजली चमकते बादलों के समान दिखाई देने लगे। | mahabharat अध्याय 7.20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन हाथियों की पीठ पर लहराते हुए झंडे टूटने लगे। उनके दाँत आपस में टकराने से आग प्रकट होने लगी। इससे वे आकाश में बिजली चमकते बादलों के समान दिखाई देने लगे।
The flags fluttering on the backs of those elephants started falling apart. Fire started appearing as their teeth clashed with each other. Due to this they looked like clouds with lightning covering the sky.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥