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mahabharat 7.20.36: पैदल सैनिक पैदल सैनिकों को मार रहे थे, भयंकर घोड़े घोड़ों को मार रहे थे, सारथी सारथियों को मार रहे थे और हाथी बड़े-बड़े हाथियों को चोट पहुँचा रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 7.20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  7.20.36 
नरानेव नरा जघ्नुरुदग्राश्च हया हयान्।
रथांश्च रथिनो जघ्नुर्वारणा वरवारणान्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
पैदल सैनिक पैदल सैनिकों को मार रहे थे, भयंकर घोड़े घोड़ों को मार रहे थे, सारथी सारथियों को मार रहे थे और हाथी बड़े-बड़े हाथियों को चोट पहुँचा रहे थे।
 
Footmen were killing footmen, fierce horses were killing horses, charioteers were killing charioteers and elephants were hurting big elephants.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)