Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.20.27: हे भरतपुत्र! उस समय वीर धृष्टद्युम्न और दुर्मुख में घोर युद्ध होने लगा। धीरे-धीरे युद्ध ने अत्यन्त भयंकर रूप धारण कर लिया। | mahabharat अध्याय 7.20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स सम्प्रहारस्तुमुल: सुघोर: समपद्यत।
पार्षतस्य च शूरस्य दुर्मुखस्य च भारत॥ २७॥
अनुवाद
हे भरतपुत्र! उस समय वीर धृष्टद्युम्न और दुर्मुख में घोर युद्ध होने लगा। धीरे-धीरे युद्ध ने अत्यन्त भयंकर रूप धारण कर लिया।
O son of Bharata! At that time a fierce battle began between the valiant Dhrishtadyumna and Durmukha. Gradually the battle assumed a very fearsome form.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥