श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.20.24 
संजय उवाच
एवमुक्त्वा किरन् बाणान् द्रुपदस्य सुतो बली।
पारावतसवर्णाश्व: स्वयं द्रोणमुपाद्रवत्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: 'महाराज! ऐसा कहकर कबूतर के समान रंग का घोड़ा धारण करने वाले महाबली द्रुपदपुत्र ने स्वयं बाणों का जाल बिछाकर द्रोणाचार्य पर आक्रमण किया।
 
Sanjaya says: 'Maharaj! Having said this, the mighty son of Drupada, who had a horse of the colour of a pigeon, himself attacked Dronacharya, spreading a net of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)