Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.20.20-21: द्रोणाचार्य द्वारा रचित उस दिव्य व्यूह को देखकर, जो शत्रुओं के लिए अजेय था, राजा युधिष्ठिर ने युद्धस्थल में धृष्टद्युम्न से कहा, 'हे कबूतर के समान रंग के घोड़ों पर सवार वीर! आज तुम ऐसी युक्ति करो कि मैं उस ब्राह्मण के वश में न आऊँ।' | mahabharat अध्याय 7.20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोणाचार्य द्वारा रचित उस दिव्य व्यूह को देखकर, जो शत्रुओं के लिए अजेय था, राजा युधिष्ठिर ने युद्धस्थल में धृष्टद्युम्न से कहा, 'हे कबूतर के समान रंग के घोड़ों पर सवार वीर! आज तुम ऐसी युक्ति करो कि मैं उस ब्राह्मण के वश में न आऊँ।'
On seeing the divine array created by Dronacharya, which was invincible for the enemies, King Yudhishthira said to Dhrishtadyumna on the battlefield, 'O brave one riding on pigeon-coloured horses! Today, you must use such a strategy that I do not fall under the control of that Brahmin.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥