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mahabharat 7.20.19-20h: जैसे देवताओं से घिरे हुए इन्द्र सुन्दर लगते हैं, उसी प्रकार नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित तथा अनेक वीर पर्वतीय राजाओं से घिरे हुए भगदत्त भी अत्यन्त सुन्दर लग रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 7.20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  7.20.19-20h 
नानानृपतिभिर्वीरैर्विविधायुधभूषणै:॥ १९॥
समन्वित: पर्वतीयै: शक्रो देवगणैरिव।
 
 
अनुवाद
जैसे देवताओं से घिरे हुए इन्द्र सुन्दर लगते हैं, उसी प्रकार नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित तथा अनेक वीर पर्वतीय राजाओं से घिरे हुए भगदत्त भी अत्यन्त सुन्दर लग रहे थे।
 
Just as Indra looks beautiful surrounded by the gods, similarly Bhagadatta looked very beautiful adorned with various weapons and ornaments and surrounded by numerous brave mountain kings. 191/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)