Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.20.17-18h: हे राजन! सेवकों ने राजा भगदत्त के ऊपर मोतियों की मालाओं से सुसज्जित एक श्वेत छत्र रख दिया था। उनका छत्र कृत्तिका नक्षत्र से युक्त पूर्णिमा के समान शोभायमान हो रहा था। | mahabharat अध्याय 7.20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! सेवकों ने राजा भगदत्त के ऊपर मोतियों की मालाओं से सुसज्जित एक श्वेत छत्र रख दिया था। उनका छत्र कृत्तिका नक्षत्र से युक्त पूर्णिमा के समान शोभायमान हो रहा था।
O King! The servants had placed a white umbrella decorated with pearl garlands on King Bhagadatta. His umbrella looked as beautiful as the full moon combined with the Krittika constellation. 17 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥