Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.20.14-15h: इस प्रकार आचार्य द्रोण द्वारा बनाई गई पैदल सेना, घुड़सवार, हाथी सवार और रथियों की व्यूह रचना वायु के झोंकों से हिलते हुए समुद्र के समान प्रतीत हो रही थी। | mahabharat अध्याय 7.20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार आचार्य द्रोण द्वारा बनाई गई पैदल सेना, घुड़सवार, हाथी सवार और रथियों की व्यूह रचना वायु के झोंकों से हिलते हुए समुद्र के समान प्रतीत हो रही थी।
Thus, the formation of infantry, horsemen, elephant riders and charioteers formed by Acharya Drona looked like the ocean tossed by the gusts of wind. 14 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥