Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.20.12-14h: राजन! उस सेना के मध्य में जयद्रथ, भीमरथ, सम्पाती, ऋषभ, जय, भूमिंजय, वृषक्रथ और महाबली निषादराज अत्यन्त विशाल सेना के साथ खड़े थे। ये सभी ब्रह्मलोक प्राप्ति के उद्देश्य से युद्ध कर रहे थे और युद्धकला में अत्यंत कुशल थे। | mahabharat अध्याय 7.20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! उस सेना के मध्य में जयद्रथ, भीमरथ, सम्पाती, ऋषभ, जय, भूमिंजय, वृषक्रथ और महाबली निषादराज अत्यन्त विशाल सेना के साथ खड़े थे। ये सभी ब्रह्मलोक प्राप्ति के उद्देश्य से युद्ध कर रहे थे और युद्धकला में अत्यंत कुशल थे।
King! In the heart of that formation, Jayadratha, Bhimrath, Sampati, Rishabha, Jai, Bhuminjaya, Vrishakrath and the mighty Nishadraj were standing with a very large army. All of them fought with the aim of attaining Brahmaloka and were extremely skilled in the art of war.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥