श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 20: द्रोणाचार्यके द्वारा गरुड़व्यूहका निर्माण, युधिष्ठिरका भय, धृष्टद्युम्नका आश्वासन, धृष्टद्युम्न और दुर्मुखका युद्ध तथा संकुल युद्धमें गजसेनाका संहार  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  7.20.10-11h 
पृष्ठे कलिङ्गा: साम्बष्ठा मागधा: पौण्ड्रमद्रका:॥ १०॥
गान्धारा: शकुना: प्राच्या: पर्वतीया वसातय:।
 
 
अनुवाद
पीछे की ओर कलिंग, अम्बष्ठ, मगध, पौण्ड्र, मद्रक, गांधार, शकुन, पूर्वदेश, पर्वतीय प्रदेश और वसति आदि देशों के वीर सैनिक थे॥10 1/2॥
 
In the rear were the brave soldiers from the countries of Kalinga, Ambastha, Magadha, Paundra, Madraka, Gandhara, Shakun, the eastern region, the mountainous region and Vasati etc.॥ 10 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)