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mahabharat 7.2.23: तुम मेरे शरीर पर रत्नों और मणियों से प्रकाशित सुन्दर एवं विचित्र स्वर्ण कवच बाँध दो और मेरे सिर पर सूर्य के समान तेजस्वी शिरोमणि रख दो। अग्नि, विष और सर्प के समान भयंकर बाण और धनुष ले आओ। 23॥   |   mahabharat अध्याय 7.2: कर्णकी रणयात्रा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 2: कर्णकी रणयात्रा  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.2.23 
निबध्यतां मे कवचं विचित्रं
हैमं शुभ्रं मणिरत्नावभासि।
शिरस्त्राणं चार्कसमानभासं
धनु: शरांश्चाग्निविषाहिकल्पान्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
तुम मेरे शरीर पर रत्नों और मणियों से प्रकाशित सुन्दर एवं विचित्र स्वर्ण कवच बाँध दो और मेरे सिर पर सूर्य के समान तेजस्वी शिरोमणि रख दो। अग्नि, विष और सर्प के समान भयंकर बाण और धनुष ले आओ। 23॥
 
You tie a beautiful and strange golden armor illuminated with gems and jewels to my body and place a headgear as bright as the sun on my head. Bring arrows and bows as dangerous as fire, poison and snake. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)