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mahabharat 7.199.62: जब वे अपने हथियार रख चुके और अपने वाहनों से उतर चुके, तो उस अस्त्र की प्रचण्ड शक्ति केवल भीमसेन के माथे पर पड़ी।   |   mahabharat अध्याय 7.199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  7.199.62 
तेषु निक्षिप्तशस्त्रेषु वाहनेभ्यश्च्युतेषु च।
तदस्त्रवीर्यं विपुलं भीममूर्धन्यथापतत्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
जब वे अपने हथियार रख चुके और अपने वाहनों से उतर चुके, तो उस अस्त्र की प्रचण्ड शक्ति केवल भीमसेन के माथे पर पड़ी।
 
After they had laid down their weapons and alighted from their vehicles, the enormous power of that weapon fell solely on Bhimasena's forehead.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)