Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.199.50: ‘आज युद्धस्थल में मेरी इन दोनों मोटी कंधोंवाली भुजाओं का बल देखो, ये अश्वत्थामा के प्रज्वलित और चमकते हुए अस्त्र को रोकने में किस प्रकार समर्थ हैं ॥50॥ | mahabharat अध्याय 7.199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘आज युद्धस्थल में मेरी इन दोनों मोटी कंधोंवाली भुजाओं का बल देखो, ये अश्वत्थामा के प्रज्वलित और चमकते हुए अस्त्र को रोकने में किस प्रकार समर्थ हैं ॥50॥
‘Today in the battlefield, look at the strength of these two thick shouldered arms of mine, how they are capable of stopping the blazing and shining weapon of Ashwatthama. 50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥