श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  7.199.49 
नागायुतसमप्राणो ह्यहमेको नरेष्विह।
शक्रो यथाप्रतिद्वन्द्वो दिवि देवेषु विश्रुत:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
यहाँ के मनुष्यों में मैं ही एक ऐसा हूँ जिसमें दस हजार हाथियों का बल है। जैसे स्वर्गवासियों और देवताओं में केवल इन्द्र ही ऐसे हैं जिनका कोई प्रतिद्वन्द्वी योद्धा नहीं है ॥49॥
 
Among the humans here, I am the only one who has the strength of ten thousand elephants. Just as among the heavenly beings and the gods, only Indra is the one who has no rival warrior. ॥ 49॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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