श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.199.31 
येन बाल: स सौभद्रो युद्धानामविशारद:।
समर्थैर्बहुभि: क्रूरैर्घातितो नाभिपालित:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
जिसने युद्ध कौशल से हीन बालक सुभद्रा के पुत्र को अनेक क्रूर और बलवान योद्धाओं द्वारा मरवा दिया और उसकी रक्षा नहीं की॥31॥
 
Who got the son of Subhadra, a child devoid of war skills, killed by many cruel and powerful warriors and did not protect him.॥ 31॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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