श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.199.29 
भीष्मद्रोणार्णवं तीर्त्वा संग्रामे भीरुदुस्तरे।
विमज्जिष्यामि सलिले सगणो द्रौणिगोष्पदे॥ २९॥
 
 
अनुवाद
कायरों के लिए कठिन युद्ध में भीष्म और द्रोणाचार्य के समुद्र को पार करने के पश्चात् मैं अपने बन्धु-बान्धवों सहित अश्वत्थामा के रूप में गोशाला के जल में डूब मरूँगा।
 
After crossing the ocean of Bhishma and Dronacharya in the battle that is difficult for cowards, I, along with my relatives, shall drown myself in the water of the cowshed in the form of Ashwatthama.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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