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mahabharat 7.199.28: मैं तुम सब सैनिकों से कह रहा हूँ, कोई भी युद्ध न करे। अब मैं अपने भाइयों सहित अग्नि में प्रवेश करूँगा॥28॥   |   mahabharat अध्याय 7.199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  7.199.28 
संग्रामस्तु न कर्तव्य: सर्वसैन्यान् ब्रवीमि व:।
अहं हि सह सोदर्यै: प्रवेक्ष्ये हव्यवाहनम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
मैं तुम सब सैनिकों से कह रहा हूँ, कोई भी युद्ध न करे। अब मैं अपने भाइयों सहित अग्नि में प्रवेश करूँगा॥28॥
 
I am telling all of you soldiers, no one should fight. Now I will enter the fire along with my brothers.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)