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mahabharat 7.199.26: धृष्टद्युम्न! तुम पांचाल सेना सहित भाग जाओ। सत्यके! तुम भी वृष्णिवंशी और अंधकवंशी योद्धाओं के साथ घर जाओ।॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 7.199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.199.26 
धृष्टद्युम्न पलायस्व सह पाञ्चालसेनया।
सात्यके त्वं च गच्छस्व वृष्ण्यन्धकवृतो गृहान्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
धृष्टद्युम्न! तुम पांचाल सेना सहित भाग जाओ। सत्यके! तुम भी वृष्णिवंशी और अंधकवंशी योद्धाओं के साथ घर जाओ।॥ 26॥
 
‘Dhristhadyumna! You run away with the Panchala army. Satyake! You also go home along with the Vrishnivanshi and Andhakavanshi warriors.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)