vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण
»
श्लोक 22
श्लोक
7.199.22
वध्यमानास्तदास्त्रेण तेन नारायणेन वै।
दह्यमानानलेनेव सर्वतोऽभ्यर्दिता रणे॥ २२॥
अनुवाद
उस नारायणास्त्र से घायल हुए सैनिक युद्धभूमि में इस प्रकार तड़पने लगे मानो वे सब ओर से अग्नि में जल रहे हों ॥22॥
The soldiers injured by that Narayanastra suffered on the battlefield as if they were burning in fire from all sides. ॥22॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas