Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.199.10: द्रोणपुत्र से आश्वासन पाकर कौरव सैनिक शांत हो गए और युद्ध के लिए क्रोध एवं उत्साह से भर गए। दूसरी ओर, पांडव और पांचाल योद्धा पहले से ही द्रोणाचार्य की मृत्यु से उत्तेजित हो रहे थे। | mahabharat अध्याय 7.199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोणपुत्र से आश्वासन पाकर कौरव सैनिक शांत हो गए और युद्ध के लिए क्रोध एवं उत्साह से भर गए। दूसरी ओर, पांडव और पांचाल योद्धा पहले से ही द्रोणाचार्य की मृत्यु से उत्तेजित हो रहे थे।
After getting assurance from Drona's son, the Kaurava soldiers became calm and were filled with anger and enthusiasm for the war. On the other hand, the Pandava and Panchala warriors were already getting agitated after the death of Dronacharya.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥