श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 198: सात्यकि और धृष्टद्युम्नका परस्पर क्रोधपूर्वक वाग्बाणोंसे लड़ना तथा भीमसेन, सहदेव और श्रीकृष्ण एवं युधिष्ठिरके प्रयत्नसे उनका निवारण  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  7.198.8-9h 
नेहास्ति पुरुष: कश्चिद् य इमं पापपूरुषम्॥ ८॥
भाषमाणमकल्याणं शीघ्रं हन्यान्नराधमम्।
 
 
अनुवाद
क्या यहाँ कोई ऐसा मनुष्य नहीं है जो इस पापी दुष्ट को, जो ऐसे अभद्र वचन बोलता है, शीघ्र मार सके?’ 8 1/2
 
Is there no man here who can quickly kill this sinful wretch who speaks such indecent words?' 8 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)