श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 198: सात्यकि और धृष्टद्युम्नका परस्पर क्रोधपूर्वक वाग्बाणोंसे लड़ना तथा भीमसेन, सहदेव और श्रीकृष्ण एवं युधिष्ठिरके प्रयत्नसे उनका निवारण  »  श्लोक 7-8h
 
 
श्लोक  7.198.7-8h 
युधिष्ठिरश्च भीमश्च यमौ कृष्णस्तथापरे॥ ७॥
आसन् सुव्रीडिता राजन् सात्यकिस्त्वब्रवीदिदम्।
 
 
अनुवाद
राजन! उस समय युधिष्ठिर, भीमसेन, नकुल, सहदेव, भगवान श्रीकृष्ण आदि भी अत्यन्त लज्जित होकर चुप हो गए; किन्तु सात्यकि इस प्रकार बोले-॥7 1/2॥
 
King! At that time Yudhishthira, Bhimasena, Nakula, Sahadeva, Lord Krishna and others were also very ashamed and kept quiet, but Satyaki spoke thus -॥ 7 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)