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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 198: सात्यकि और धृष्टद्युम्नका परस्पर क्रोधपूर्वक वाग्बाणोंसे लड़ना तथा भीमसेन, सहदेव और श्रीकृष्ण एवं युधिष्ठिरके प्रयत्नसे उनका निवारण
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श्लोक 51-52h
श्लोक
7.198.51-52h
स्थित्वा विष्टभ्य चरणौ भीमेन शिनिपुङ्गव:॥ ५१॥
निगृहीत: पदे षष्ठे बलेन बलिनां वर:।
अनुवाद
तब भीम ने खड़े होकर अपने पैर दृढ़ता से जमाये और छठे पग पर ही बलवानों में श्रेष्ठ सात्यकि को बलपूर्वक दबा दिया।
Then Bhima stood up and planted his feet firmly and forcibly overpowered Satyaki, the greatest of the strong, on his sixth step. 51 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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