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mahabharat 7.198.39-40h: सत्यके! सबसे पहले पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर को अन्यायपूर्वक छला गया। फिर द्रौपदी का अन्यायपूर्वक अपमान किया गया।   |   mahabharat अध्याय 7.198: सात्यकि और धृष्टद्युम्नका परस्पर क्रोधपूर्वक वाग्बाणोंसे लड़ना तथा भीमसेन, सहदेव और श्रीकृष्ण एवं युधिष्ठिरके प्रयत्नसे उनका निवारण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 198: सात्यकि और धृष्टद्युम्नका परस्पर क्रोधपूर्वक वाग्बाणोंसे लड़ना तथा भीमसेन, सहदेव और श्रीकृष्ण एवं युधिष्ठिरके प्रयत्नसे उनका निवारण  »  श्लोक 39-40h
 
 
श्लोक  7.198.39-40h 
वञ्चित: पाण्डव: पूर्वमधर्मेण युधिष्ठिर:॥ ३९॥
द्रौपदी च परिक्लिष्टा तथाधर्मेण सात्यके।
 
 
अनुवाद
सत्यके! सबसे पहले पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर को अन्यायपूर्वक छला गया। फिर द्रौपदी का अन्यायपूर्वक अपमान किया गया।
 
Satyake! First of all, Yudhishthira, son of Pandu, was deceived unjustly. Then Draupadi was insulted unjustly. 39 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)